क्या पाप से समस्या उत्पन्न होती है?

क्या पाप से समस्या उत्पन्न होती है?

पृथ्वी भर के लोगों को इस बात को समझना पड़ेगा की coronavirus महामारी से उन्हें क्या सीख मिलती है। क्योंकि इससे पहले जितने भी महामारी आई थी, वह किसी देश, किसी राज्य या किसी स्थान तक सीमित थी। परंतु coronavirus एक ऐसी महामारी है, जिसकी असर सारी पृथ्वी पर पड़ रही है। क्या मनुष्य सचमुच में बहुत बुरे हो गए हैं? जिससे परमेश्वर की प्रचंड क्रोध का कारण coronavirus महामारी है। क्या मानव जाति को सुधारने के लिए, मृत्यु और महामारी भेजना एक विकल्प है? इन सबके उतर पाने के लिए आप पढ़ना जारी रख सकते हैं।

कोई भी मनुष्य स्वीकार नहीं करता कि वह पापी है। सबसे पहले मैं एक बात आपसे पूछना चाहता हूं। क्या आप एक पापी हैं? आप ना नहीं कह सकते! क्योंकि संसार में ऐसा कोई भी मनुष्य नहीं जो कभी पाप ना किया हो। तो आपको क्या करना है, पाप का कारण ढूंढना है। आप किस प्रकार की पाप के आदी हैं, उस पाप को जड़ से उखाड़ कर फेकिए। मैं इसलिए यह बात कह रहा हूं, कि आप और अपने परिवार को परमेश्वर की क्रोध से बचाने के लिए अपने पाप के बारे में जानना है। आपको ज्ञात है कि, जब कोई मिशन फेल हो जाने पर, scientist लोग त्रुटि को ढूंढ कर उसे ठीक करने के बाद पुनः मिशन में भेजते हैं। वक्त को पहचानिए। परमेश्वर आपको नया बनाना चाहता। परमेश्वर को नाराज मत कीजिए। परमेश्वर का क्रोध का कारण पाप है। इसलिए आध्यात्मिक जीवन जीने के लिए प्रारंभ कर दीजिए। उसी में आपकी भलाई है। क्योंकि पाप से ही समस्या और संकट पैदा होती है।

परमेश्वर चाहते हैं कि लोग अपने शरीर की इच्छा को दमन करें और आत्मा की चलाए से चले। प्रार्थना करते रहे जिससे आपको आत्मिक शक्ति मिलेगा। परमेश्वर के वचन की सामर्थ को धारण कीजिए।

Today Bible verses

रोमियो 8:13 में लिखा है, क्योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रीयाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे।

अगर आप शरीर की इच्छा के अनुसार चलेंगे, तो हो सकता है, असमय में ही मृत्यु को प्राप्त करेंगे। परंतु आत्मा की सामर्थ से शरीर की हर इच्छा को अगर अब मारेंगे, तब आपको जीवन मिलेगा। समय से पुर्व कोई मनुष्य मरना नहीं चाहता है। परंतु अगर आप पाप करते रहेंगे तब मृत्यु आपके करीब आता रहेगा। जिस पाप आपको मृत्यु के मूंह में डालता है, क्या आप उसे त्यागना नहीं चाहते?

जो लोग काम करते हैं, उसके बदले में उन्हें वेतन मिलता है। और यह भी जान लीजिए, की अगर पाप करते हैं तो उसका फल भी मृत्यु है। इसलिए ध्यान पूर्वक समझने की कोशिश कीजिए, और पाप से दूर रहें।

रोमियो 6:23 में लिखा है, क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है॥

जिस पाप आपको बीमारी, समस्या, महामारी और संकट में डालें, क्या उसे आप नहीं छोड़ेंगे? आपको परमेश्वर से दूर करने वाला पाप है। परमेश्वर आपसे दूर नहीं होता बल्कि आप पाप करके उसे दूर भेजते हैं। प्रारंभ में मनुष्य को पाप करना अच्छा लगता है, परंतु जब संकट आता है, तब वे यह नहीं समझ पाते कि उनके जीवन की समस्या का शुरुआत कहां से है। उस समय में लोग परमेश्वर को पुकारते हैं। परंतु कोई फर्क नहीं पड़ता। उनकी समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है। उन्हें लगता है कि परमेश्वर भी उनकी प्रार्थना नहीं सुनता। क्योंकि वे समस्या की जड़ तक नहीं जाते, जबकि उनकी समस्या का कारण पाप है।

मेरा खुद की अनुभव मैं आपसे बताना चाहता हूं, कि जब मैं पाप में था। उस समय में मुझे ऐसा लगता था कि मेरे शरीर से ऊर्जा कम हो रही है। मन में डर छाया रहता था। संकट बीमारी समस्या मुझे काबू करना चाहता था। परंतु मैं समस्या के कारण ढूंढा, और वह समस्या कारण पाप था। इसलिए मैं उसकी जड़ तक गया और उसे त्यागा। तब मुझे परमेश्वर की असीम सामर्थ्य मिली। जिसकी वजह से मैं आज आपको यह बताने में सक्षम हूं।

आप खुद को कभी ना समझे कि आप एक अच्छे आदमी हैं। एक अच्छे आदमी होने के घमंड से आप पाप कर बैठेंगे और आप खुद की पाप को पहचान नहीं पाएंगे। अगर आप पाप को पहचान लिए, तो यह समझ लीजिए कि आप जीवन को पहचान लिए हैं।

मनुष्य का स्वभाव पाप है, इसलिए पाप मनुष्य पर प्रबल होना चाहता है। जब भी आप पाप की ओर गिरेंगे तब आप प्रभु यीशु के नाम से उस पाप को भी डांट सकते हैं। प्रभु आपको उनका सबसे बड़ा नाम दिया है, जिस नाम की सामर्थ से आप कुछ भी गलत को रोक सकते हैं।

अगर आप शांति और आनंद पाना चाहते हैं, तो प्रभु आपके द्वार पर खड़ा है। देर किस बात की, पाप को संपूर्ण रूप से परित्याग कर उनके लिए दिल की दरवाजा खोलिए। प्रभु अंदर। समस्या, संकट, बीमारी बाहर। परमेश्वर आपको हारने के लिए नहीं बनाया। प्रत्येक काम, प्रत्येक स्थान, प्रत्येक घड़ी और सब परिस्थिति में आपकी जीत होगी। जब आप पाप को परित्याग करेंगे। Only in one mighty name, that is Jesus.  आपकी जुबां पर यीशु नाम हमेशा रहना चाहिए।

Pray

सारी सृष्टि के मालिक जीवित परमेश्वर, आप लोगों को भी नहीं बल्कि पाप से घृणा करते हैं। इसलिए लोगों को उनके पाप को पहचानने के लिए समझ प्रदान कीजिए। लोग और आपके मध्य में दूरी की कारण एकमात्र पाप है। लोगों के पापों के कारण उनके जीवन में बीमारी समस्या संकट पैदा होती है, इस बात को वे भली भांति जान पाए इसलिए नआप उन्हें करुणा कीजिए। लोगों को ऐसा ज्ञान प्रदान कीजिए जो अपने पाप के बारे में समझ पाए और उससे दूर रहे। सारी बीमारी का जड़ पाप को परित्याग कर आपकी शिक्षा के अनुसार चल सके ऐसा करुणा करें। यह निवेदन मैं आपके पावन चरणों में करता हूं। आमीन।।

God bless you for reading continue.

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