Hindi bible commentary थूआतीरा की कलीसिया के दूत को लिखे गए पत्र: प्रकाशित वाक्य 2:18-29 पर focus
थूआतीरा की कलीसिया के दूत को लिखे गए पत्र में प्रभु की अत्यंत क्रोध को देखा जा सकता है; क्योंकि प्रभु की आंख ज्वलंत आग की तरह और पांव उत्तम पीतल की नाई
थूआतीरा की कलीसिया के दूत को लिखे गए पत्र में प्रभु की अत्यंत क्रोध को देखा जा सकता है; क्योंकि प्रभु की आंख ज्वलंत आग की तरह और पांव उत्तम पीतल की नाई
पिरगमुन की कलीसिया के दूत को यीशु मसीह की ओर से यूहन्ना के द्वारा लिखे गए पत्र । यह तो सत्य है; कि मनुष्य होने के नाते हर कोई तन मन वचन से कभी भी कुछ ना कुछ
स्मुरना की कलीसिया के दूत को प्रभु यीशु मसीह के द्वारा यूहन्ना को पत्र लिखने को कहा जाता है। ज्ञात हो कि मनुष्य के जीवन का सुख और दुख सिक्के के दो पहलू की तरह
प्रकाशित वाक्य 2:1-7 में इफिसुस कलीसिया के नाम भेजे गए पत्र, उनका सुधार तथा प्रभु की शिकायत और चेतावनी के बारे में देखने को मिलता है। प्रभु अपनी मंशा को